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सिर दर्द के लिए सफल चिकित्सा



सिर दर्द के लिए सफल चिकित्सा
यदि आप सिर दर्द की दवाइया लेकर तंग आ गए हैं तो यह प्रयोग करे।
अभी तक जिसे भी प्रयोग करवाया है वही ठीक हो गया है। कभी असफल नहीं हुआ।
परंतु कड़वा बहुत है । जो कड़वी दवाई न ले सके वह न ले।
आधे सिर का दर्द हो या पूरे सिर का, सुबह होता हो या शाम चाहे इंजेक्शन के बिना आराम न आता हो चाहे MRI व CT स्कैन मे कुछ न आया हो । चाहे बड़े अस्पताल आपकी जेब खाली कर चुके हो और आराम न हुआ हो तो भी कुछ दिन यह प्रयोग करे। आप आयुर्वेद के भक्त बन जाएगे।
नीचे लिखी सभी दवाइया 50-50 ग्राम ले । सभी दवाइया साबुत ले। ध्यान से देख कर ले
1 हरड़-
2 बहेड़ा-
3 आंवला-
4 हल्दी,-
5 गिलोय,
6 चिरायता,-
7 नीम कि छाल-
सभी साबुत ले जड़ी बूटी वाले से। अच्छी तरह साफ कर ले। गली सड़ी घुन लगी या फफूंद लगी जड़ी बूटिया ना ले।
। लाकर कूट ले। मोटा मोटा कूट ले
गेहु के दाने के आकार के टुकड़े बना ले । बारीक ना पीसे ।
2 चम्मच 2 कप मे इतना उबाले कि आधा कप रह जाए । छान कर पी ले। 2 समय । इसके लेने के 1 घंटे तक ठंडा पानी न पिए।
यदि रोग अधिक पुराना है तो इसके साथ 2-2 गोली 2 समय शिरशूल वज्र रस की ले । यदि शिरशुल वज्र रस न मिले तो योगराज गुगुल 2-2 गोली 2 समय ले ।
स्थायी लाभ के लिए कम से कम 1 महिना प्रयोग करे । कोई साइड इफेक्ट नहीं । गर्भवती स्त्री को भी दे सकते हैं।
सिर दर्द के साथ साथ धूल से होने वाली एलर्जी, एसिडिटी व अल्सर के लिए चमत्कारी लाभ दिखाती है।
जिसे खट्टी डकारे आते हो छाती मे जलन हो हल्का बुखार रहता हो, माथे पर हाथ लगाने से माथा गम लगे, पेशाब बहुत गरम हो उसे भी जरूर लाभ करती है।
यह पथ्यादी क्वाथ नाम से कई कम्पनियां बनाती हैं.
जो कडवा होने के कारण इसे ना ले सके वह केवल शिरशूलवज्र रस की 2 गोली गर्म पानी से ले.

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